हिंदू नव वर्ष 2026 से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत हो रही है, जिसे ‘रौद्र संवत्सर’ कहा गया है। इस वर्ष गुरु राजा और मंगल मंत्री होने से धर्म, राजनीति और वैश्विक स्तर पर बड़े बदलावों के संकेत मिल रहे हैं। लाल-किताब ज्योतिर्विद Bhavika Rajguru के अनुसार यह वर्ष परिवर्तन, संघर्ष और नई संभावनाओं का संकेत देता है।