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🦁 नरसिंह चतुर्दशी 2026: चित्रा नक्षत्र और बुध-आदित्य योग में राहु-केतु व शनि दोष शांति का महाउपाय :
30 अप्रैल 2026 को मनाई जाने वाली नरसिंह चतुर्दशी इस वर्ष बुध-आदित्य योग, चित्रा नक्षत्र और उच्च के सूर्य के कारण अत्यंत प्रभावशाली मानी जा रही है। यह पर्व भय, शत्रु, राहु-केतु और शनि दोष से रक्षा करने वाला विशेष अवसर माना जाता है। Narasimha Chaturdashi on 30 April 2026 is considered highly powerful due to Budh-Aditya Yoga, Chitra Nakshatra, and exalted Sun. The festival is believed to protect devotees from fear, enemies, Rahu-Ketu, and Shani dosha.


🌿 मोहिनी एकादशी 2026: विष्णु के मोहिनी अवतार का दिव्य पर्व, तिथि, मुहूर्त, कथा और उपाय :
✍️ पुष्कर की लाल किताब ज्योतिर्विद – भाविका राजगुरु वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है और विशेष रूप से पापों के नाश, मानसिक शुद्धि तथा जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करने वाली मानी जाती है। इस दिन व्रत, पूजा और भक्ति करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ सांसारिक कष्टों से भी राहत मिलती है। 📅 तिथि और शुभ मुहूर्त : पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि का आरंभ 26 अप्रैल 2026 को शाम 6:06 बजे से होकर


🔥 2026 में चांदी में आएगा तूफान! सही समय जानें वरना पछताएंगे 2026 में चांदी के भाव का विस्तृत ज्योतिषीय विश्लेषण :
पुष्कर की लाल किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु द्वारा विशेष भविष्यवाणी चांदी (Silver) केवल एक धातु नहीं, बल्कि ज्योतिष में चंद्रमा की ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। जब-जब चंद्रमा, राहु, केतु और शुक्र की चाल बदलती है, तब-तब चांदी के भाव में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। 🔮 ज्योतिषीय महा-संयोग: क्यों चमकेगी चांदी? लाल किताब में चांदी का सीधा संबंध चंद्रमा (Moon) से है, जबकि इसकी चमक और व्यावसायिक मांग शुक्र (Venus) और राहु (Rahu) द्वारा नियंत्रित होती है। बृहस्पति का गोचर


19 अप्रैल 2026: जब हर शुभ कार्य देगा “अक्षय” फल और समृद्धि :
19 अप्रैल 2026 को मनाई जाने वाली अक्षय तृतीया वर्ष का सबसे शुभ दिन माना जाता है। इस दिन किए गए दान, निवेश और पूजा का फल अक्षय होता है और जीवन में धन, सफलता और सौभाग्य लाता है।


वैशाख अमावस्या 2026: पितृ तर्पण, स्नान और दान का महापुण्य दिन
17 अप्रैल 2026 को पड़ने वाली वैशाख अमावस्या पितृ तर्पण, स्नान और दान के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्य अक्षय फल प्रदान करते हैं और पितृ दोष से मुक्ति दिलाते हैं। Vaishakh Amavasya on 17 April 2026 is highly auspicious for Pitru Tarpan, holy bath, and charity. Rituals performed on this day bring eternal blessings and help reduce ancestral dosha.


हिंदू सौर नववर्ष 2026: सूर्य का मेष राशि में महा-प्रवेश; जानें आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा यह वर्ष?
सूर्य का मेष राशि में गोचर 2026 सभी राशियों के जीवन में बड़े परिवर्तन लेकर आएगा। किसी के लिए पद-प्रतिष्ठा और धन लाभ के योग बनेंगे, तो किसी को स्वास्थ्य और संबंधों में सावधानी रखनी होगी।


वरुथिनी एकादशी 2026: हर संकट से बचाएगा भगवान विष्णु का 'वरुथिनी' कवच; जानें शुभ मुहूर्त, व्रत कथा और अचूक ज्योतिषीय उपाय :
13 अप्रैल 2026 को मनाई जाने वाली वरुथिनी एकादशी को आध्यात्मिक सुरक्षा कवच माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और विशेष उपाय करने से दुर्भाग्य दूर होकर सौभाग्य, धन और मानसिक शांति प्राप्त होती है।


2 अप्रैल 2026: ब्रह्मांडीय महासंग्राम! मीन राशि में 'शनि-मंगल' का विस्फोटक टकराव; 18 महीनों की जड़ता टूटेगी, जानें भाविका राजगुरु की महा-भविष्यवाणी
2 अप्रैल 2026 को शनि और मंगल की दुर्लभ युति मीन राशि में बनकर जीवन में बड़े बदलावों का संकेत दे रही है। यह समय पुराने कार्यों को पूर्ण करने और नई शुरुआत का अवसर प्रदान करेगा, साथ ही सावधानी और उपाय आवश्यक रहेंगे।


“शनि-मंगल का संघर्ष: 2 अप्रैल 2026: क्या करें अचूक उपाय, किन राशियों को रखनी है सावधानी और किसके लिए रहेगा शुभ समय :
2 अप्रैल 2026 को शनि-मंगल युति और हनुमान जयंती का अद्भुत संयोग बन रहा है। यह समय कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण तो कुछ के लिए अवसर लेकर आएगा। सही उपाय और संयम से जीवन की बाधाओं को दूर किया जा सकता है।


हनुमान जनमोत्सव 2026: दुर्लभ गुरुवार संयोग में खुलेगा सौभाग्य का द्वार , जानें शुभ मुहूर्त, गुप्त ज्योतिषीय रहस्य और अचूक उपाय :
हनुमान जयंती 2026 में 2 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, ग्रहों का विशेष संयोग और अचूक उपाय आपके जीवन में सफलता, साहस और शनि दोष से मुक्ति दिला सकते हैं।
🌼 कामदा एकादशी 2026: मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला दिव्य व्रत :
✍️ विशेष लेख: पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है, लेकिन चैत्र शुक्ल पक्ष की कामदा एकादशी को सभी एकादशियों में अत्यंत फलदायी और कल्याणकारी माना गया है। वर्ष 2026 में कामदा एकादशी 29 मार्च (रविवार) को मनाई जाएगी। यह नए हिंदू वर्ष की पहली एकादशी होने के कारण और भी अधिक शुभ एवं प्रभावशाली मानी जाती है। पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु के अनुसार, इस बार कामदा एकादशी पर रवि योग का अद्भुत संयोग ब


दुर्गा अष्टमी और राम नवमी 2026: तिथि का महा-असमंजस दूर करें; जानें मां महागौरी की पूजा और प्रभु राम के जन्मोत्सव का सटीक समय
लेखक: भाविका राजगुरु (राजगुरु एस्ट्रोसाइंस) चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व अपने चरमोत्कर्ष पर है। शक्ति की उपासना के बाद अब हम उस घड़ी के समीप हैं जब जगत जननी माँ दुर्गा के आठवें स्वरूप 'महागौरी' की पूजा और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस वर्ष तिथियों की घट-बढ़ के कारण अष्टमी और नवमी को लेकर भक्तों में काफी दुविधा है। राजगुरु एस्ट्रोसाइंस के इस विशेष लेख में हम पंचांग की गणना के अनुसार सटीक जानकारी साझा कर रहे हैं। 1. दुर्गा अष्टमी 2026: कब रखें व


चैत्र नवरात्रि 2026 — पहला दिन
मां शैलपुत्री की आराधना से जीवन में शक्ति और स्थिरता भाविका राजगुरु | राजगुरु एस्ट्रोसाइंस 19 मार्च 2026, गुरुवार को चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है। नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है, जिन्हें देवी दुर्गा का प्रथम रूप माना जाता है। मां शैलपुत्री का स्वरूप और महत्व : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं, इसलिए इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। इनका स्वरूप अत्यंत शांत, दिव्य और प्रभावशाली माना जाता है। वाहन: वृषभ (बैल) दाह
भारत में 2026–2030 के बीच होने वाली 9 बड़ी घटनाएँ — ज्योतिष की चौंकाने वाली भविष्यवाणी
2026 से 2030 के बीच भारत कई बड़े बदलावों का साक्षी बन सकता है। ज्योतिषीय संकेत बताते हैं कि भारत तकनीक, अर्थव्यवस्था और आध्यात्मिकता में तेजी से आगे बढ़ेगा। लाल-किताब ज्योतिर्विद Bhavika Rajguru के अनुसार यह समय भारत के लिए वैश्विक प्रभाव और नई उपलब्धियों का संकेत देता है।
विक्रम संवत 2083: भारत और विश्व की 10 बड़ी भविष्यवाणियाँ
हिंदू नव वर्ष 2026 के साथ विक्रम संवत 2083 ‘रौद्र संवत्सर’ की शुरुआत हो रही है। इस वर्ष गुरु राजा और मंगल मंत्री के प्रभाव से दुनिया में राजनीतिक परिवर्तन, प्राकृतिक घटनाएं और आध्यात्मिक जागरण के संकेत मिल रहे हैं। लाल-किताब ज्योतिर्विद Bhavika Rajguru के अनुसार यह वर्ष वैश्विक स्तर पर बड़े बदलावों का सूचक है।
नव संवत्सर 2083 की बड़ी भविष्यवाणी: ग्रहों की चाल से दुनिया में बड़े बदलाव के संकेत
हिंदू नव वर्ष 2026 से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत हो रही है, जिसे ‘रौद्र संवत्सर’ कहा गया है। इस वर्ष गुरु राजा और मंगल मंत्री होने से धर्म, राजनीति और वैश्विक स्तर पर बड़े बदलावों के संकेत मिल रहे हैं। लाल-किताब ज्योतिर्विद Bhavika Rajguru के अनुसार यह वर्ष परिवर्तन, संघर्ष और नई संभावनाओं का संकेत देता है।


पुष्कर से उठी दिव्य ऊर्जा: 27 हजार करोड़ गायत्री मंत्र जप से बदल सकता है विश्व का वातावरण :
पुष्कर में 27 हजार करोड़ गायत्री मंत्रों की गूँज 2000 पंडितों की साधना और विश्व शांति का संकल्प कलयुग का पहला “शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ” – पुष्कर से उठी आध्यात्मिक ऊर्जा पुष्कर में 27 हजार करोड़ गायत्री मंत्रों की गूँज: कलयुग का पहला "शतगायत्री पुरश्चरण महायज्ञ" राजस्थान की पवित्र भूमि में स्थित पुष्कर सदियों से ऋषियों, तपस्वियों और देवताओं की साधना भूमि माना जाता है। आज भी यह स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अद्भुत केंद्र है। राजस्थान की पवित्र धरा, तीर्थराज पुष्कर से एक


Middle East War 2026: दो ग्रहण, मंगल-राहु का अंगारक योग और मिडिल ईस्ट में महायुद्ध – क्या तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत?
2026 में मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Israel, Iran और United States के बीच संघर्ष ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। लाल-किताब ज्योतिर्विद Bhavika Rajguru के अनुसार फरवरी-मार्च 2026 के ग्रहण, मंगल-राहु अंगारक योग और मंगल-शनि प्रभाव दुनिया में सैन्य तनाव को बढ़ाने वाले प्रमुख ज्योतिषीय संकेत हैं।


🏏 T-20 वर्ल्ड-कप 2026: क्या भारत रचेगा इतिहास? 'पुष्कर की लाल-किताब' ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु की महा-भविष्यवाणी
8 मार्च 2026 को होने वाले भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल मुकाबले पर ज्योतिषीय दृष्टि से बड़ा महा-संयोग बन रहा है। कुम्भ में मंगल-राहु का अंगारक योग, मीन में उच्च के शुक्र और शनि की युति तथा तुला में चन्द्रमा का गोचर मैच को रोमांचक बनाएगा। लाल-किताब ज्योतिर्विद Bhavika Rajguru के अनुसार ग्रहों का संतुलन भारत की जीत की ओर संकेत करता है।


🌟 रंग पंचमी 2026 के विशेष उपाय (भाविका राजगुरु द्वारा अनुशंसित) :
1️⃣ सुख-समृद्धि के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को लाल गुलाल अर्पित करें। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। सूर्य देव को जल अर्पित करें। 2️⃣ कष्ट निवारण हेतु मां बगलामुखी को पीला अबीर अर्पित करें। सूर्य देव को लाल रंग अर्पित करें। 3️⃣ वैवाहिक सुख हेतु राधा-कृष्ण को लाल वस्त्र अर्पित करें। अविवाहित पीले-लाल गुलाब अर्पित करें। 4️⃣ धन लाभ हेतु पीले कपड़े में सिक्का और हल्दी की 5 गांठें रखें। शाम को दीपक जलाकर तिजोरी में रखें। उत्तर दिशा में कमल पुष्प पर लक्ष्मी-नारायण की तस्वीर स
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