top of page

महाशिवरात्रि 2026: 100 साल बाद 'रक्तवर्ण चंद्रमा' से पहले शिव-शक्ति का महासंगम; जानें शुभ मुहूर्त, दुर्लभ योग और अचूक उपाय :

भाविका राजगुरु (लाल-किताब ज्योतिर्विद) 

महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की दिव्य ऊर्जा से जुड़ने का महापर्व है। वर्ष 2026 की महाशिवरात्रि अत्यंत विशेष है क्योंकि यह 3 मार्च को होने वाले 'शताब्दी के दुर्लभ चंद्र ग्रहण' (ब्लड मून) से ठीक पहले आ रही है। राजगुरु एस्ट्रोसाइंस के इस विशेष लेख में हम जानेंगे कि कैसे इस शिवरात्रि की साधना आपके जीवन के 'कार्मिक दोषों' को मिटा सकती है।

1. तिथि और शुभ मुहूर्त (Important Timings) :

इस वर्ष फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ और समापन इस प्रकार है:

  • महाशिवरात्रि तिथि: 15 फरवरी 2026, रविवार

  • चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी, शाम 05:04 बजे से

  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 फरवरी, शाम 05:34 बजे तक

  • निशीथ काल पूजा (सबसे शुभ): 16 फरवरी की मध्यरात्रि 12:09 AM से 01:01 AM तक (कुल 52 मिनट)

व्रत पारण समय: 16 फरवरी, सुबह 06:59 से दोपहर 03:24 के बीच। 2 . दुर्लभ ज्योतिषीय महासंयोग :

2026 की शिवरात्रि पर ग्रहों की स्थिति अद्भुत है:

  • सर्वार्थ सिद्धि योग: इस दिन सूर्योदय से शाम 07:48 तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, जिसमें की गई पूजा का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।

  • श्रवण नक्षत्र का संगम: इस दिन चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में रहेंगे, जो मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

कुंभ राशि में ग्रहों की चौकड़ी: कुंभ राशि में बन रहा विशेष योग आर्थिक बाधाओं को दूर करने में सहायक होगा। महाशिवरात्रि के 'राजगुरु विशेष' अचूक उपाय (Detailed Upay) :

यहाँ कुछ विशेष उपाय दिए जा रहे हैं जो आपके जीवन की विभिन्न समस्याओं का समाधान कर सकते हैं:


1. आर्थिक संकट और धन वृद्धि के लिए उपाय: यदि आप लंबे समय से आर्थिक तंगी या कर्ज से जूझ रहे हैं, तो शिवरात्रि की रात 'निशीथ काल' में शिवलिंग का पंचामृत (गाय का कच्चा दूध, दही, शुद्ध घी, शहद और शक्कर) से अभिषेक करें। अभिषेक के दौरान "ॐ ह्रीं नमः शिवाय" मंत्र का मन ही मन जाप करें। इसके बाद 11 साबुत बेलपत्र पर सफेद चंदन से 'राम' लिखकर अर्पित करें। अगले दिन पूजा में चढ़ाया गया एक बेलपत्र या फूल अपनी तिजोरी में रखें। यह उपाय आपके बंद पड़े धन के मार्ग खोलता है।


2. गंभीर रोग और आरोग्य प्राप्ति के लिए उपाय: चूँकि 2026 की शिवरात्रि रविवार को है, जो स्वास्थ्य के कारक सूर्य का दिन है, इसलिए पुराने रोगों से मुक्ति के लिए यह दिन रामबाण है। तांबे के पात्र में जल भरकर उसमें थोड़ी सी दूर्वा, इत्र और शहद मिलाएं। शिवलिंग पर इस जल की पतली धार छोड़ते हुए 'महामृत्युंजय मंत्र' का जाप करें। यह उपाय शरीर की नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालकर आरोग्य प्रदान करता है।


3. वैवाहिक और मांगलिक बाधाओं के लिए उपाय: यदि विवाह में देरी हो रही है या वैवाहिक जीवन में तनाव है, तो माँ पार्वती और शिव जी का गठबंधन कराएं। शिवलिंग पर केसर मिश्रित दूध चढ़ाएं और माँ पार्वती को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। "ॐ गौरीशंकराय नमः" मंत्र की एक माला जाप करने से दाम्पत्य जीवन के क्लेश समाप्त होते हैं और शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।


4. कालसर्प और पितृ दोष निवारण उपाय: कुंभ राशि में ग्रहों की चौकड़ी के कारण जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प या राहु-केतु के दोष हैं, उन्हें शिवरात्रि पर चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए। साथ ही, जल में काले तिल मिलाकर अभिषेक करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में आने वाली अचानक बाधाएं रुक जाती हैं।


5. विद्यार्थियों और एकाग्रता के लिए उपाय: विद्यार्थियों को चाहिए कि वे जल में मिश्री और थोड़े से सफेद पुष्प डालकर शिव जी का अभिषेक करें। उत्तर दिशा की ओर मुख करके "ॐ नमः शिवाय" का 108 बार जाप करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है और करियर में सफलता के द्वार खुलते हैं।


चार प्रहर की पूजा की महिमा :

जो भक्त पूर्ण फल प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें पूरी रात चार प्रहर में पूजा करनी चाहिए।

प्रथम प्रहर (शाम 06:11 से रात 09:23) :  में दूध से अभिषेक करें जो सुख और शांति देता है।

द्वितीय प्रहर (रात 09:23 से 12:35)  : में दही से अभिषेक करें जो ऐश्वर्य बढ़ाता है।

तृतीय प्रहर (12:35 से 03:47) : में घी से अभिषेक करें जो आरोग्य देता है, और

प्रहर (03:47 से सुबह 06:59) :  में शहद या गन्ने के रस से अभिषेक करें जो मोक्ष और धन प्रदान करता है।


 2026 की यह महाशिवरात्रि आपके 'कार्मिक रिसेट' की पहली सीढ़ी है। आने वाले 'ब्लड मून' के प्रभाव को कम करने के लिए महादेव की भक्ति ही एकमात्र कवच है। पूरी श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ का पूजन करें।


🌐 व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण के लिए संपर्क करें: www.rajguruastroscience.com

📍 राजगुरु एस्ट्रोसाइंस, पुष्कर (राजस्थान)

Comments


bottom of page