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होली 2026: 100 साल बाद 'ब्लड मून' का साया; जानें होलिका दहन का सटीक मुहूर्त और राशि अनुसार महा-उपाय :
होली 2026 इस बार केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि खग्रास चंद्र ग्रहण (ब्लड मून) के कारण एक गहन ज्योतिषीय और कार्मिक घटना है। इस विशेष संयोग में किए गए उपाय जीवन की पुरानी बाधाओं, ग्रह दोषों और मानसिक नकारात्मकता को समाप्त करने में सहायक माने जाते हैं।


महाशिवरात्रि 2026: 100 साल बाद 'रक्तवर्ण चंद्रमा' से पहले शिव-शक्ति का महासंगम; जानें शुभ मुहूर्त, दुर्लभ योग और अचूक उपाय :
महाशिवरात्रि 2026 केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ब्लड मून से पहले कार्मिक शुद्धि का दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर है। ग्रहों के विशेष योग, निशीथ काल पूजा और लाल किताब उपायों से धन, स्वास्थ्य, विवाह और दोष निवारण के प्रभावशाली परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।


🌼 बसंत पंचमी 2026: राशि अनुसार विशेष उपाय :
बसंत पंचमी 2026 के पावन दिन माँ सरस्वती की कृपा प्रत्येक राशि पर अलग-अलग फल प्रदान करती है। यदि इस दिन राशि अनुसार सरल लाल किताब उपाय किए जाएँ, तो विद्या, बुद्धि, स्मरण शक्ति, करियर और रचनात्मक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखा जाता है।


🌼 बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा 2026: विद्या, विवेक और वाणी की देवी का पावन प्राकट्य पर्व :
बसंत पंचमी 2026 का पर्व 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह दिन माँ सरस्वती की पूजा, विद्यारंभ, विवाह और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत पावन माना जाता है।
Basant Panchami 2026 will be celebrated on Friday, 23 January. The festival marks Saraswati Puja and is considered highly auspicious for education, new beginnings, and sacred rituals.


पौष पुत्रदा (वैकुण्ठ) एकादशी 30 दिसंबर को बन रहा है विशेष संयोग, जानें संतान प्राप्ति के अचूक उपाय :
30 दिसंबर 2025 को पौष पुत्रदा एकादशी का पावन व्रत भरणी नक्षत्र, सिद्ध योग, रवि योग और भद्रावास योग जैसे दुर्लभ संयोगों में पड़ रहा है। यह व्रत संतान सुख, संतान के उज्ज्वल भविष्य और वैकुंठ प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु के अनुसार, इस दिन किए गए विशेष उपाय जीवन की अनेक बाधाओं को दूर करते हैं और भगवान विष्णु व श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्रदान करते हैं।


🌞 नवंबर 2025 के व्रत, त्योहार और ग्रह गोचर – आधुनिक वैदिक विश्लेषण
नवंबर 2025 में व्रत-त्योहार, सूर्य-बुध-शुक्र के महत्वपूर्ण राशिगत परिवर्तन और शनि मार्गी स्थिति जीवन में नई गति, आध्यात्मिक जागरण और संतुलन का नया अध्याय शुरू करेंगे। यह महीना आत्मबल, साधना, विचार गहराई और कर्मफलों के परिणाम का समय है।
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