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मकर संक्रांति 2026: 3 दुर्लभ योगों का महासंयोग, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और सटीक उपाय :

पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु के अनुसार, वर्ष 2026 की मकर संक्रांति बेहद खास होने वाली है। इस बार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सौभाग्य का द्वार खोलने वाला है। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे इस दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय आपके जीवन से दुखों का नाश कर सकते हैं।

मकर संक्रांति 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त :

इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी, 2026 (बुधवार) को मनाई जाएगी। पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु बताती हैं कि जब सूर्य दोपहर में मकर राशि में प्रवेश करेंगे, तभी से पुण्यकाल का आरंभ होगा।

  • सूर्य का मकर राशि में प्रवेश: दोपहर 03:13 बजे

  • पुण्यकाल: दोपहर 03:13 PM से शाम 05:45 PM तक

  • महापुण्यकाल (अति शुभ): दोपहर 03:13 PM से शाम 04:58 PM तक


3 दुर्लभ संयोगों का संगम :

इस बार मकर संक्रांति पर वर्षों बाद एक ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जो आपकी हर मनोकामना पूर्ण कर सकता है। ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु के अनुसार, इस दिन निम्नलिखित तीन योग एक साथ विद्यमान रहेंगे:

  1. सर्वार्थ सिद्धि योग

  2. अमृत सिद्धि योग

  3.  पुष्कर योग

ये योग सुबह 07:15 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 03:03 बजे तक रहेंगे। इन योगों में किया गया दान और पूजा अक्षय पुण्य प्रदान करती है।


मकर संक्रांति पूजा विधि (भाविका राजगुरु के अनुसार) :

पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु ने इस दिन के लिए विशेष पूजा विधि सुझाई है:

  1. पवित्र स्नान: प्रातःकाल किसी पवित्र नदी में स्नान करें। यदि घर पर कर रहे हैं, तो जल में गंगाजल मिलाकर इस मंत्र का जाप करें:

गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।।

  1. सूर्य अर्घ्य: तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, गुड़ और काले तिल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय "ॐ सूर्याय नमः" का जाप करें।

  2. विशेष पूजा: भगवान विष्णु और माता गायत्री की पूजा करें। मकर संक्रांति पर गायत्री माता की पूजा आरोग्य और सुख प्रदान करती है।


लाल-किताब और ज्योतिषीय अचूक उपाय :

पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु ने जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए कुछ विशेष उपाय बताए हैं:

1. सुख-समृद्धि और लक्ष्मी कृपा (कौड़ी का उपाय) :

  • 14 कौड़ियां लेकर उन्हें केसर मिश्रित दूध से स्नान कराएं।

  • गंगाजल से शुद्ध कर माता लक्ष्मी के सामने रखें।

  • दो दीपक जलाएं: दाईं ओर घी का दीपक और बाईं ओर तिल के तेल का दीपक

  • "ॐ संक्रात्याय नमः" मंत्र का 14 बार जाप करें।

  • शाम को तिल का दीपक मुख्य द्वार पर और घी का दीपक तुलसी के पास रखें।

2. पितृ दोष से मुक्ति के उपाय :

अगर घर में कलह या आर्थिक तंगी है, तो ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु ये उपाय करने की सलाह देती हैं:

  • सूर्य को अर्घ्य देते समय जल में काले तिल और लाल फूल जरूर डालें।

  • "ॐ पितृदेवाय नमः" मंत्र का जाप करते हुए पितरों का तर्पण करें।

  • गाय, कुत्ते और कौवों को भोजन कराएं (इन्हें पितरों का प्रतीक माना जाता है)।

  • शाम को घर की दक्षिण दिशा में पितरों के नाम का दीपक जलाएं।

3. सूर्य दोष शांति :

जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर है, वे अर्घ्य देते समय इस मंत्र का जाप करें:

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः


मकर संक्रांति पर दान का महत्व :

पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु का कहना है कि कलियुग में 'दान' ही सबसे प्रधान धर्म है। इस दिन निम्नलिखित वस्तुओं का दान अवश्य करें:

  • अन्न दान: खिचड़ी, गुड़ और काले तिल।

  • वस्त्र दान: ऊनी कपड़े, कंबल या स्वेटर।

  • धातु दान: तांबे के बर्तन।

  • पशु सेवा: गाय को हरा चारा खिलाना अत्यंत शुभ है।


सावधानी: क्या न करें?

ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु विशेष रूप से चेतावनी देती हैं कि इस पवित्र दिन पर:

  • मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें।

  • क्रोध, विवाद और अनैतिक व्यवहार न करें।

  • दरवाजे पर आए किसी भी जरूरतमंद को खाली हाथ न भेजें।


मकर संक्रांति का यह पर्व आपके जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आए। पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु के बताए इन उपायों को श्रद्धापूर्वक करने से आप रोगों, शत्रुओं और दोषों से मुक्ति पा सकते हैं।

मकर संक्रांति की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ!


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