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सावन मास और हनुमान जी की पूजा: मंगल ग्रह की पीड़ा से मुक्ति :-
इस लेख में बताया गया है कि मंगलवार को हनुमान जी की उपासना और विशेष उपायों से मंगल ग्रह के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिल सकती है।


सावन सोमवार पर पाए शनि देव की विशेष कृपा :-
शिवजी की कृपा से कुंडली में शनिदेव के अशुभ प्रभाव, दशा, महादशा, और साढ़े साती के कुप्रभाव दूर हो जाते हैं।"


बृहस्पति ( गुरु ) ग्रह : लाल किताब के अनुसार बृहस्पति का प्रथम भाव में प्रभाव : -
गुरु ग्रह धन, समृद्धि और ऐश्वर्य का प्रतीक होता है, और यह जीवन में शुभता और उन्नति लाने में मदद करता है।


सावन मास शिव पूजा एवं नव ग्रह शांति :
इस लेख में भगवान शिव को नवग्रहों के कुप्रभावों से मुक्त करने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है।


बुध : MERCURY
लाल किताब में बुध ग्रह को हरे रंग का और महत्वपूर्ण माना गया है। यह ग्रह कुंडली के प्रत्येक भाव पर अलग-अलग असर डालता है।


लाल किताब में बृहस्पति ग्रह का महत्व और प्रभाव:
बृहस्पति ग्रह को देव गुरु माना जाता है और यह धनु व मीन राशि का स्वामी है। बृहस्पति के मित्र सूर्य, मंगल और चंद्रमा हैं, |


ALL ABOUT MOON : चंद्र ग्रह
लाल किताब में चंद्र ग्रह माता और भगवान शिव से जुड़ा है। चंद्रमा की स्थिति सकारात्मक मानसिक शांति और अच्छे रिश्तों को दर्शाती है,


लाल किताब के अनुसार सूर्य ग्रह का 12 भावों में प्रभाव
लाल किताब के अनुसार, सूर्य सबसे प्रभावशाली ग्रह है। इसमें सूर्य के 12 भावों में सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों का वर्णन किया गया है


लाल किताब में मंगल ग्रह का महत्व
लाल किताब के अनुसार, मंगल ग्रह का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में शुभ और अशुभ दोनों हो सकता है। शुभ मंगल से व्यक्ति निडर और ऊर्जावान बनता है,|


सावन में शिव पूजा का महत्त्व और विधि ; सावन के महीने में विशेष योग और लाभ ; सावन में बन रहे दुर्लभ योग और ज्योतिषीय उपाय :-
सावन मास को महादेव की भक्ति के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस साल सावन 22 जुलाई से 19 अगस्त 2024 तक रहेगा, | वन में पाँच योग बन रहे हैं


कुंडली के 12 भावों की जानकारी:
प्राकृतिक राशिचक्र में बारह राशियाँ होती हैं और कुंडली में 12 भाव होते हैं। मनुष्य जीवन के सभी कार्यों को 12 श्रेणियों में विभाजित किया...


The Sun in the Fourth House According to Lal Kitab
यदि सूर्य चौथे भाव में शुभ है तो जातक बुद्धिमान, दयालु और अच्छा प्रशासक होगा, लेकिन यदि अशुभ है तो जातक लालची और हानिकारक प्रवृत्ति का होगा।


लाल किताब में मंगल ग्रह का महत्व
लाल किताब के अनुसार मंगल एक ऐसा ग्रह है जो अपने नाम के अनुरूप मंगलकारी भी है और नाश करने वाला भी है। हालाँकि मंगल ग्रह को लेकर, लोगों की...


Prediction of sun in twelve houses
According to Lal Kitab, the Sun is considered the most influential planet. It is called the lord of all planets. Lal Kitab describes the...


लाल किताब के अनुसार चन्द्र का ग्यारहवें भाव में फल :-
यह घर बृहस्पति और शनि से पूरी तरह प्रभावित होता है। इस घर में स्थित हर ग्रह अपने शत्रु ग्रहों और उनके साथ जुडी बातों को नष्ट कर देता है।...
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