अन्नपूर्णा जयंती 2024: महत्व, पूजा विधि और खास उपाय: जीवन में धन, समृद्धि और सुख-शांति पाने के लिए :
- Bhavika Rajguru

- Dec 13, 2024
- 8 min read
अन्नपूर्णा जयंती का महत्व (Annapurna Jayanti Significance) :
अन्नपूर्णा जयंती हर साल हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। वर्ष
2024 में यह दिन 15 दिसंबर, रविवार को है। इस दिन देवी अन्नपूर्णा की पूजा विशेष रूप से की जाती है,
जिन्हें भोजन और समृद्धि की देवी माना जाता है। देवी अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से जीवन में सुख-समृद्धि,
शांति और दरिद्रता का नाश होता है।

हिंदू धर्म में देवी अन्नपूर्णा का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है। स्कन्दपुराण के काशीखण्ड में उल्लेख किया
गया है कि भगवान विश्वेश्वर की गृहस्थी चलाने वाली देवी भवानी ही अन्नपूर्णा हैं। काशीवासियों की
मान्यता है कि काशी में किसी भी व्यक्ति को कभी भी अन्न की कमी नहीं होती। वे अपने भक्तों को
हमेशा आशीर्वाद देती हैं और उनके जीवन में समृद्धि का वास होता है। अन्नपूर्णा की उपासना से सारे पाप
समाप्त होते हैं और भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
अन्नपूर्णा जयंती का धार्मिक महत्व:
भोजन और समृद्धि का आशीर्वाद: देवी अन्नपूर्णा को भोजन और समृद्धि की देवी माना जाता है।
उनकी कृपा से घर में अन्न की कभी कमी नहीं होती और समृद्धि का वास होता है।
सुख-शांति का वास: अन्नपूर्णा जयंती पर पूजा करने से घर में सुख और शांति का वास होता है।
देवी अपने भक्तों के कष्ट दूर करती हैं और जीवन में शांति लाती हैं।
मोक्ष की प्राप्ति: अन्नपूर्णा जयंती पर पूजा से मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग सुलभ होता है। देवी की कृपा
से जीवन-मुक्ति का मार्ग खुलता है।
दान का पुण्य: इस दिन दान का विशेष महत्व है। अन्न, वस्त्र, दक्षिणा आदि का दान करने से पुण्य
की प्राप्ति होती है और देवी अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं।
भोजन और समृद्धि का आशीर्वाद: देवी अन्नपूर्णा को भोजन और समृद्धि की देवी माना जाता है।
उनकी कृपा से घर में अन्न की कभी कमी नहीं होती और समृद्धि का वास होता है।
सुख-शांति का वास: अन्नपूर्णा जयंती पर पूजा करने से घर में सुख और शांति का वास होता है।
देवी अपने भक्तों के कष्ट दूर करती हैं और जीवन में शांति लाती हैं।
मोक्ष की प्राप्ति: अन्नपूर्णा जयंती पर पूजा से मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग सुलभ होता है। देवी की कृपा
से जीवन-मुक्ति का मार्ग खुलता है।
दान का पुण्य: इस दिन दान का विशेष महत्व है। अन्न, वस्त्र, दक्षिणा आदि का दान करने से पुण्य
की प्राप्ति होती है और देवी अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं।
अन्नपूर्णा जयंती पूजा विधि (Annapurna Jayanti Puja Vidhi) :
अन्नपूर्णा जयंती के दिन पूजा का आयोजन विधिपूर्वक किया जाता है। पूजा के दौरान निम्नलिखित विधि
का पालन करना शुभ माना जाता है:
1. पूजा की तैयारी:
पूजा से एक दिन पहले घर की सफाई करें और पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। पूजा के लिए
आवश्यक सामग्री एकत्र करें:
o लाल कपड़ा
o चौकी
o देवी अन्नपूर्णा की मूर्ति या तस्वीर
o दीपक, अगरबत्ती, धूप
o फल, फूल, मिठाई, पंचामृत, पान का बीड़ा, सुपारी आदि |
2. स्नान और ध्यान:
पूजा के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। फिर ध्यान लगाकर पूजा के
लिए अपना मन शांत करें।
3. आसन ग्रहण:
पूजा स्थान पर आसन बिछाकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं। ध्यान रहे कि
पूजा स्थान स्वच्छ हो।
4. मूर्ति/तस्वीर स्थापना:
एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर देवी अन्नपूर्णा की मूर्ति या तस्वीर रखें। मूर्ति या तस्वीर को
गंगाजल से शुद्ध करके फूलों से सजाएं।
5. षोडशोपचार पूजन:
पूजा में सर्वप्रथम गणेश जी का पूजन करें, ताकि कोई विघ्न न हो। फिर देवी अन्नपूर्णा की पूजा
षोडशोपचार विधि से करें। इसमें आचमन, स्नान, वस्त्र और आभूषण अर्पित करना, इत्र, सिंदूर, चंदन
का टीका लगाना और धूप-दीप अर्पित करना शामिल है।
6. मंत्र जाप:
देवी अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त करने के लिए ॐ श्रीं अन्नपूर्णे देव्यै नमः मंत्र का जप करें। आप
अन्नपूर्णा चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं।
7. भोग और नैवेद्य:
पूजा के बाद देवी को भोग अर्पित करें। खीर, पूड़ी, हलवा, सब्जी और फलों का भोग अर्पित करना शुभ
माना जाता है। फिर आरती करें और प्रसाद ग्रहण करें।
8. दान का महत्व:
अन्नपूर्णा जयंती पर दान का विशेष महत्व है। इस दिन अन्न, वस्त्र, दक्षिणा आदि का दान करें।
जरूरतमंदों को मदद देने से देवी अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों का जीवन सुखमय
बनाती हैं।
9. ब्राह्मण भोजन:
अपनी सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों को भोजन कराएं। ब्राह्मणों को भोजन कराने से अन्नपूर्णा
जयंती का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।
10. पूजा का समापन:
अंत में पूजा का समापन करें, पूजा स्थल की सफाई करें और प्रसाद का वितरण करें।
अन्नपूर्णा जयंती के विशेष मंत्र :
अन्नपूर्णा जयंती पर कुछ खास मंत्रों का जाप करने से देवी अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त होती है। ये मंत्र विशेष
रूप से पूजा में उच्चारित किए जाते हैं:
1. भोजन से पहले जाप करें :
ॐ सह नाववतु, सह नौ भुनक्तु, सह वीर्यं करवावहै
तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः
माता च पार्वती देवी पिता देवो महेश्वरः। बान्धवाः शिवभक्ताश्च स्वदेशो भुवनत्रयम् ।।
2. अन्नपूर्णा पूजा मंत्र :
अन्नपूर्णे सदा पूर्णे शंकरप्राणवल्लभे,
ज्ञान वैराग्य-सिद्ध्यर्थं भिक्षां देहिं च पार्वति |
3. भोजन के बाद जाप करें :
अगस्त्यम कुम्भकर्णम च शनिं च बडवानलनम।
भोजनं परिपाकारथ स्मरेत भीमं च पंचमं ।।
अन्नाद् भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसंभवः।
यज्ञाद भवति पर्जन्यो यज्ञः कर्म समुद् भवः।।
अन्नपूर्णा जयंती के दिन करें ये खास उपाय:
जीवन में धन, समृद्धि और सुख-शांति पाने के लिए अन्नपूर्णा जयंती का पर्व खासतौर पर देवी अन्नपूर्णा की पूजा और आराधना का दिन है। देवी अन्नपूर्णा, जिन्हें भोजन, समृद्धि और समग्र जीवन की देवी माना जाता है, का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इस दिन कुछ खास उपाय किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी अन्नपूर्णा की पूजा और व्रत से व्यक्ति को न केवल अन्न का भंडार मिलता है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि, यश, कीर्ति, अच्छा स्वास्थ्य और लंबी आयु भी प्राप्त होती है।
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर 21 दिनों तक देवी अन्नपूर्णा की विशेष पूजा और व्रत का विधान
है। आइए, जानते हैं अन्नपूर्णा जयंती के दिन कौन से खास उपाय करने चाहिए, जिनसे आपके जीवन में
सुख, समृद्धि और शांति का वास होगा।
1. चूल्हे की पूजा और अन्न का दान :
अन्नपूर्णा जयंती के दिन सबसे पहले चूल्हे की पूजा करें, क्योंकि चूल्हा अन्न का प्रतीक है। पूजा के बाद
पहली रोटी गाय को, दूसरी कुत्ते को और तीसरी रोटी कौए को खिलाएं। इससे आपके घर में अन्न की कमी
नहीं होगी और घर में सुख-शांति का वास होगा। साथ ही, अन्न का दान करना भी शुभ माना जाता है।
2. केसर वाली खीर का भोग लगाएं :
मां अन्नपूर्णा को केसर वाली खीर का भोग अर्पित करें और फिर पूरे परिवार के साथ इसे ग्रहण करें। केसर
वाली खीर से घर में समृद्धि और सुख का वास होता है। यह उपाय आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का
संचार करता है और आहार की पौष्टिकता भी बढ़ाता है।
3. मंत्र जाप से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
अन्नपूर्णा जयंती पर निम्नलिखित मंत्रों का जाप करें:
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं भगवति अन्नपूर्णे नम:।।
यह मंत्र अन्नपूर्णा जयंती पर विशेष रूप से जाप करने से आहार की पौष्टिकता बढ़ती है और घर में
सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धनधान्य: सुतान्वित:। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय:।।
इस मंत्र का जाप करते हुए चूल्हे पर कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं। इस मंत्र से घर में सुख-समृद्धि
का वास होता है और रसोई में बरकत आती है।
4. अन्नपूर्णा के इस मंत्र का 108 बार जाप करें :
ओम ह्रींग अन्नपूर्णाय नमः इस मंत्र का एक माला (108 बार) जाप करें। इससे बरकत बनी रहती है और
लक्ष्मी आकर्षित होती है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
5. अन्नपूर्णा के विशेष मंत्र का जप :
अगर आप जीवन में अधिक धन-दौलत प्राप्त करना चाहते हैं तो ऊँ ह्रीं श्रीं क्लीं नमो भगवति माहेश्वरि
अन्नपूर्णे स्वाहा मंत्र का जाप करें। यह मंत्र धन की प्राप्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। इस
मंत्र का 108 बार जप करने से आपकी इच्छाओं की पूर्ति होती है।
6. घी में चावल की आहुति दें :
अगर आप धन और अन्न के साधनों में वृद्धि चाहते हैं तो पके हुए चावल में घी मिलाकर 108 आहुति दें।
यह उपाय देवी अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से आपके घर में समृद्धि और धन का वास करेगा।
7. कच्चे सूत का धागा पहनें :
एक कच्चे सूत के धागे को हल्दी से रंगकर देवी अन्नपूर्णा के चरणों में स्पर्श कराकर अपने गले या हाथ में
बांध लें। इस धागे को 21 दिनों तक पहनें और अंत में उसे बहते जल में प्रवाहित कर दें। इससे स्वास्थ्य
संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और धन-दौलत में वृद्धि होती है।
8. अन्नपूर्णा के श्लोक का पाठ :
अन्नपूर्णे सदा पूर्णे शंकर प्राण वल्लभे। ज्ञान वैराग्य सिद्ध्य भिक्षां देहि च पार्वति।।
इस श्लोक का 21 बार पाठ करें। इससे ज्ञान और बरकत की प्राप्ति होती है, साथ ही देवी अन्नपूर्णा की कृपा
से जीवन में संतुलन और सुख मिलता है।
9. घी का दीपक और अन्नपूर्णा स्तोत्र का पाठ :
देवी अन्नपूर्णा के सामने घी का दीपक जलाकर अन्नपूर्णा स्तोत्र का पाठ करें। यह उपाय घर में लक्ष्मी का
वास करता है और घर की समृद्धि में वृद्धि होती है।
10. बाजरे का दान करें :
अगर आप चाहते हैं कि आपके परिवार में कभी कोई भूखा न सोए, तो अन्नपूर्णा जयंती के दिन बाजरे का
दान करें। बाजरे का दान करने से घर में अन्न-धान्य की कमी नहीं होती और दरिद्रता दूर होती है।
11. सौभाग्य पोटली बनाएं :
एक लाल रंग के कपड़े में 5 मुखी रुद्राक्ष, साबुत हल्दी, गोमती चक्र, कौड़ी और गुंजाफल के दाने बांधकर उसे देवी अन्नपूर्णा के चरणों में रखें। पूजा के बाद इसे अपने पास रखें और 21 दिनों तक देवी अन्नपूर्णा की
पूजा करें। अंत में, यह सौभाग्य पोटली अपने पति या पत्नी को दें। इससे आपके पारिवारिक जीवन में सुख-
शांति और सौभाग्य में वृद्धि होगी।
12. कुबेर यंत्र की स्थापना :
यदि आप कुबेर के समान धन से युक्त होना चाहते हैं, तो अन्नपूर्णा के यंत्र की स्थापना करें। यंत्र को तांबे
के बर्तन में रखकर, उसे घी, दूध और जल से स्नान कराएं। फिर उस पर ऊँ ह्रीं अन्नपूर्णे पद्मासनाय नमः
मंत्र का जाप करते हुए यंत्र की पूजा करें। इससे घर में धन का वास होता है और आर्थिक तंगी दूर होती है।
13. घी का दीपक गेहूं की ढेरी पर जलाएं :
अगर आप जीवन में यश और कीर्ति पाना चाहते हैं, तो गेहूं की ढेरी पर घी का दीपक जलाएं और देवी
अन्नपूर्णा से प्रार्थना करें। इस उपाय से आपको समाज में प्रतिष्ठा और सम्मान प्राप्त होता है।
14. कौड़ियां पूजा में रखें :
अगर आप जीवन में आर्थिक संकट से बचना चाहते हैं, तो 5 कौड़ियां लेकर देवी अन्नपूर्णा के सामने रखें।
पूजा के बाद इन कौड़ियों को अपनी तिजोरी में रखें। यह उपाय घर में बरकत लाता है और आर्थिक तंगी से
बचाता है।
15. पुष्प अर्पित करें और इत्र चढ़ाएं :
देवी अन्नपूर्णा के सामने पुष्प अर्पित करें और इत्र की शीशी चढ़ाएं। पूजा के बाद उस इत्र को अपने पास
रखें और रोज़ सुबह स्नान के बाद उसका उपयोग करें। इससे आपके भौतिक सुख-साधनों में वृद्धि होगी।
16. काले तिल के लड्डू शनिदेव को अर्पित करें :
अन्नपूर्णा जयंती के दिन काले तिल के लड्डू बनाकर शनिदेव के मंदिर में अर्पित करें। इस उपाय से शनि
दोष दूर होता है और शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।
17. सतनजा का पक्षियों को दान करें :
अन्नपूर्णा जयंती के दिन सात प्रकार के अनाज (सतनजा) पानी में भिगोकर पक्षियों को खिलाएं। इस उपाय
से सात प्रकार की समस्याएं दूर होती हैं और घर की दरिद्रता समाप्त होती है।
निष्कर्ष:
अन्नपूर्णा जयंती के दिन किए गए ये उपाय आपके जीवन में धन, सुख-समृद्धि और शांति लाने के साथ-
साथ आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेंगे। देवी अन्नपूर्णा की कृपा से अन्न-धान्य की कमी नहीं
होगी और जीवन में समृद्धि का वास होगा। इस दिन किए गए व्रत और पूजा से आपके जीवन में हर दिशा
में उन्नति और खुशहाली आएगी।




माँ अन्नपूर्णा की कृपा सदा हम पर व आप पर बनी रहें