top of page

आखिरी चंद्र ग्रहण 2025: वैश्विक घटनाओं और भारत पर प्रभाव :

✍️ विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण – पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु


🔭 चंद्र ग्रहण 2025: कब और क्यों लगेगा?

पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु बताती हैं कि साल 2025 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 को घटित होगा। जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है तो चंद्र ग्रहण बनता है। यह घटना भारत सहित कई देशों में दिखाई देगी और इस कारण इसका धार्मिक व ज्योतिषीय महत्व और भी बढ़ जाता है।

यह ग्रहण पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और कुंभ राशि में पड़ेगा, जो वैश्विक स्तर पर कई राजनीतिक, प्राकृतिक और आर्थिक बदलावों का संकेत दे रहा है।

🌍 चंद्र ग्रहण 2025 का वैश्विक प्रभाव :

पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु के अनुसार इस चंद्र ग्रहण से दुनिया भर में कई प्रकार के बदलाव देखने को मिल सकते हैं—

  • 🌱 सामाजिक आंदोलनों: स्वास्थ्य अधिकार, पर्यावरण मुद्दों और निजता से जुड़े मामलों पर आंदोलन और वैश्विक विरोध प्रदर्शनों की संभावना।

  • 📉 शेयर बाज़ार में उतार-चढ़ाव: चंद्रमा जनभावनाओं का कारक है, इसलिए अचानक गिरावट और तेजी दोनों देखने को मिल सकती है।

  • 💱 मुद्रा व क्रिप्टो मार्केट: राहु का प्रभाव सट्टेबाजी और अल्पकालीन वित्तीय उछाल ला सकता है।

  • 🌊 जल संबंधी आपदाएं: कुंभ-मीन ऊर्जा के कारण बाढ़, तूफान या समुद्र-स्तर में वृद्धि संभव।

  • 🌋 भूकंप और ज्वालामुखी: संवेदनशील क्षेत्रों (हिमालय, हिन्दुकुश, पेसिफिक बेल्ट) में अचानक भूकंपीय गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

  • 🧘 आध्यात्मिक प्रभाव: साधकों की अंतर्ज्ञान शक्ति बढ़ सकती है और भविष्यसूचक सपनों का अनुभव हो सकता है।

  • ⚠️ मानसिक स्वास्थ्य संकट: नशे की लत और अवसाद जैसी समस्याएं विश्व स्तर पर उभर सकती हैं।

  • 🤖 टेक्नोलॉजी और AI: शतभिषा नक्षत्र के प्रभाव से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष विज्ञान में उपलब्धियां होंगी, लेकिन साथ ही डिजिटल प्राइवेसी और बायोटेक्नोलॉजी पर विवाद भी बढ़ सकते हैं।

  • 🌐 नए राजनीतिक गठबंधन: अप्रत्याशित तरीके से पुराने गठबंधन टूटेंगे और नए संबंध बनेंगे।


🇮🇳 भारत पर प्रभाव – पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु का विश्लेषण :

भारत की स्वतंत्रता कुंडली (15 अगस्त 1947, मध्य रात्रि, दिल्ली, वृषभ लग्न) से यह ग्रहण कई बदलावों की ओर इशारा कर रहा है।

  • दशम भाव (राजसत्ता) पर ग्रहण पड़ने से केंद्र सरकार में बड़े बदलाव या अस्थिरता की आशंका।

  • चंद्र राशि कर्क से अष्टम भाव कुंभ में ग्रहण पड़ने से प्राकृतिक आपदाओं के कारण जन-धन हानि संभव।

  • आने वाले 15 दिनों में भूकंप, भूस्खलन या बाढ़ जैसी घटनाएं उत्तर भारत और पड़ोसी देशों में परेशानी बढ़ा सकती हैं।


⛰️ भूकंप और आपदाओं की संभावना :

बृहत संहिता के राहु-चार अध्याय में कहा गया है कि जब कुंभ राशि में ग्रहण पड़ता है तो पर्वतीय क्षेत्रों के लोग कष्ट भोगते हैं।

  • गुरु, शनि और मंगल की परस्पर केंद्र स्थिति से हिमालय और हिन्दुकुश क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां संभव।

  • भारत-पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में बाढ़ और भारी वर्षा से जनता को कष्ट की आशंका।

पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु कहती हैं कि यह समय भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के लिए प्राकृतिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहेगा।


🌐 अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भारत :

चंद्र ग्रहण के बाद भारत पर अमेरिका से ट्रेड डील का दबाव बढ़ सकता है।

  • अमेरिका पहले ही भारत के निर्यात पर भारी शुल्क लगा चुका है।

  • आने वाले महीनों में अमेरिका भारत से कृषि उत्पादों, ऑटोमोबाइल, हथियार और इलेक्ट्रॉनिक्स पर शुल्क कम करने का दबाव डाल सकता है।

  • भारत के बड़े उद्योगपतियों की कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की भी आशंका है।


🏢 गौतम अडानी पर प्रभाव :

पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु बताती हैं कि उद्योगपति गौतम अडानी (24 जून 1962, अहमदाबाद, वृषभ लग्न) की कुंडली पर भी इस ग्रहण का असर गहरा होगा।

  • उनकी कुंडली में दशम भाव कुंभ राशि का है और यही पर यह ग्रहण लग रहा है।

  • चूंकि ग्रहण उनके जन्म नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद में पड़ रहा है, इसलिए आने वाले 6 महीनों में कोर्ट केस, विवाद और स्वास्थ्य संबंधी बड़ी परेशानियां संभव हैं।


🕯️ निष्कर्ष :

7 सितंबर 2025 का यह आखिरी चंद्र ग्रहण केवल खगोलीय घटना नहीं है बल्कि राजनीति, अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक संतुलन पर गहरा असर डालने वाला समय है।पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु का स्पष्ट मत है कि—

  • भारत सहित पूरी दुनिया को इस समय सावधानी बरतने की जरूरत है।

  • सामाजिक और राजनीतिक सुधार आंदोलनों से लेकर प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक उतार-चढ़ाव तक, यह ग्रहण कई बड़े बदलावों का वाहक साबित हो सकता है।

 
 
 

1 Comment


PINTU kumar
PINTU kumar
Sep 11, 2025

आपकी भविष्यवाणी बिल्कुल सही व सटीक है वर्त्तमान में नेपाल व फ़्रांस में हुई राजनितिक उथल-पुथल व आन्दोलन को देखते हुये यह सही है की ग्रहण का प्रभाव पुरे विश्व पर पड़ा है |

शत शत नमन ,आप इसी तरह से समय-समय पर हमारा मार्गदर्शन करती रहें |👍

Like
bottom of page