कामदा एकादशी 2025: अप्रैल में कब है चैत्र माह की कामदा एकादशी? पूजा विधि, महत्व और उपायकामदा एकादशी 2025 कब है?
- Bhavika Rajguru

- Apr 8, 2025
- 5 min read
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का अत्यधिक महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विशेष रूप से की जाती
है, और इसका पालन करने से भक्तों को कई लाभ मिलते हैं। चैत्र माह की कामदा एकादशी इस बार 7
अप्रैल 2025 की रात 8 बजे से शुरू हो रही है और 8 अप्रैल 2025 की रात 9 बजकर 12 मिनट पर समाप्त
होगी। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का आयोजन किया जाता है, जिससे पापों
का नाश, इच्छाओं की पूर्ति, और समृद्धि प्राप्त होती है।

कामदा एकादशी पर बनने वाले शुभ योग :
पुष्कर की लाल-किताब से जुड़ीं ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु के अनुसार इस वर्ष कामदा एकादशी पर कई
शुभ योग बन रहे हैं:
1. सर्वार्थ सिद्धि योग – इस योग में पूजा और व्रत करने से सभी कार्य सफल होते हैं।
2. रवि योग – यह विशेष रूप से शुभ माना जाता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
3. अश्लेषा नक्षत्र – यह नक्षत्र भी शुभ माना जाता है और व्रत करने वालों को विशेष लाभ मिलता है।
कामदा एकादशी व्रत पारण (Vrat Paran Time) :
कामदा एकादशी व्रत का पारण 9 अप्रैल 2025 को सुबह 6:02 बजे से लेकर 8:34 बजे तक किया जाएगा। इस दौरान पहले भगवान विष्णु की पूजा करके प्रसाद ग्रहण करें और व्रत का समापन करें।
कामदा एकादशी व्रत का महत्व और लाभ
कामदा एकादशी का व्रत सभी इच्छाओं की पूर्ति, पापों के नाश और मोक्ष प्राप्ति के लिए किया जाता है। इस
दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों को पुण्य की प्राप्ति होती है।
कामदा एकादशी व्रत करने से लाभ:
इच्छाओं की पूर्ति: व्रत करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
पापों का नाश: पापों का नाश होता है और पापी जीव के कर्मों का शुद्धिकरण होता है।
मोक्ष की प्राप्ति: इस व्रत के माध्यम से व्यक्ति वैकुंठ धाम की प्राप्ति करता है। कामदा एकादशी क्यों है खास?
हिंदू वर्ष की पहली एकादशी: यह साल की पहली एकादशी है, जो सभी इच्छाओं को पूरा करने वाली मानी जाती है।
महापापों से मुक्ति: यदि इस व्रत को विधि-विधान से किया जाए तो ब्रह्म हत्या जैसे महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।
संतान प्राप्ति का वरदान: संतान के इच्छुक दंपत्तियों के लिए यह व्रत बहुत शुभ होता है।
संतान की दीर्घायु और सफलता: भगवान विष्णु की पूजा से संतान को लंबी उम्र और सफलता मिलती है।
कामदा एकादशी पूजा विधि (Pujan Vidhi) :
कामदा एकादशी का व्रत विधिपूर्वक करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन की पूजा
विधि इस प्रकार है:
1. प्रातः स्नान और व्रत संकल्प: प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके
बाद व्रत का संकल्प लें।
2. भगवान विष्णु की पूजा: घर के पूजा स्थल को शुद्ध करें और भगवान विष्णु की पूजा करें। हल्दी,
कुमकुम, चंदन और अक्षत से तिलक करें।
3. धूप, दीप और तुलसी पत्र: भगवान विष्णु को धूप, दीप जलाकर भोग अर्पित करें और तुलसी पत्र
चढ़ाएं।
4. मंत्र जाप: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 11 या 108 बार जाप करें।
5. रात्रि जागरण: एकादशी की रात जागरण करें और भगवान विष्णु का स्मरण करें।
6. द्वादशी तिथि को पारण: व्रत के बाद द्वादशी तिथि को पारण करें, ब्राह्मणों को भोजन कराएं और
उन्हें दक्षिणा दें।
कामदा एकादशी पर 6 महत्वपूर्ण बातें:
1. सुबह देर से न उठें: एकादशी के दिन देर तक सोना अशुभ माना जाता है। सुबह जल्दी उठकर स्नान
करें और सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
2. चावल न खाएं: एकादशी के दिन चावल खाना निषिद्ध है।
3. तामसिक भोजन से बचें: लहसुन, प्याज और मांसाहार से बचें।
4. परनिंदा और झूठ से बचें: किसी की बुराई न करें और सत्य बोलें।
5. बाल और नाखून न काटें: एकादशी के दिन बाल और नाखून नहीं काटें।
6. ब्रह्मचर्य का पालन करें: इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करने से व्रत का पूरा फल मिलता है।
कामदा एकादशी के दिन विशेष उपाय: ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु के अनुसार
कामदा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की पूजा और जीवन में शुभता लाने के लिए महत्वपूर्ण होता है।
इस दिन कुछ खास उपायों को अपनाकर आप जीवन में सुख, समृद्धि और शांति प्राप्त कर सकते हैं।
पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु के अनुसार, आइए जानते हैं कामदा एकादशी के दिन
किए जाने वाले कुछ प्रभावशाली उपाय:
1. आर्थिक उन्नति के लिए: कामदा एकादशी के दिन स्नान के बाद तुलसी के पौधे के सामने घी का
दीपक जलाएं और ऊँ नमो भगवते नारायणाय मंत्र का उच्चारण करते हुए 11 बार तुलसी के पौधे
को प्रणाम करें।
2. व्यापार में सफलता के लिए: एक पीले रंग के कपड़े में हल्दी की गांठें, चांदी का सिक्का (या एक
रुपये का सिक्का) और पीली कौड़ी रखकर पोटली बनाएं और इसे अपने धन रखने के स्थान पर
रखें।
3. दाम्पत्य जीवन में मधुरता: कच्चे नारियल को पीले कपड़े में लपेटकर श्री विष्णु मंदिर में अर्पित करें,
इससे आपके रिश्तों में प्रेम और सामंजस्य बढ़ेगा।
4. विवाह में सफलता के लिए: ऊं लक्ष्मी नारायणाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें और विवाह की
सफलता के लिए भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी से प्रार्थना करें।
5. पारिवारिक शांति के लिए: दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु को अर्पित करें और बाद में
उस जल को परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद के रूप में बांटें।
6. नौकरी या प्रमोशन के लिए: एक कच्चे मिट्टी के घड़े में गेहूं भरकर उसे किसी ब्राह्मण को दान करें
और आशीर्वाद लें।
7. कर्ज से मुक्ति के लिए: पीपल के वृक्ष पर 11 बार कच्चा सूत लपेटकर परिक्रमा करें और कर्ज से
मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।
8. शुभ कार्य के लिए बाहर जाने पर: हल्दी का तिलक लगाकर बाहर जाएं, या सफेद सूत के धागे में
सात गांठें बांधकर अपने पास रखें।
9. मनचाही इच्छा की पूर्ति के लिए: सफेद धागे में पीले फूल पिरोकर माला बनाकर भगवान विष्णु को
अर्पित करें और चंदन की खुशबू वाली धूपबत्ती जलाएं।
10. अटके धन की प्राप्ति के लिए: शमी के पौधे की पूजा करें और आटे का दीपक जलाकर उसमें कपूर
और हल्दी डालें।
11. संतान की इच्छा: गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करें, या किसी विद्वान से मदद लेकर यह पाठ करवाएं।
केले के पेड़ की पूजा (Banana Tree Worship): कामदा एकादशी पर केले के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व
है। केले के पेड़ पर हल्दी की गांठ, चने की दाल, गुड़ और पीले फूल अर्पित करें, फिर घी का दीपक जलाकर
21 बार पेड़ की परिक्रमा करें। इससे विष्णु भगवान आपकी इच्छाओं को पूर्ण करते हैं और ग्रह दोषों का
निवारण होता है।
आर्थिक समृद्धि के लिए उपाय:
1. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
2. दान पुण्य: गरीबों को अन्न, वस्त्र या अन्य जरूरतमंद वस्तुएं दान करें।
विवाह संबंधी बाधाएं दूर करने के उपाय:
1. भगवान विष्णु को हल्दी अर्पित करें और विवाह संबंधी समस्याओं को दूर करने की प्रार्थना करें।
2. ॐ केशवाय नमः मंत्र का जाप करें।
कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर करने के उपाय:
1. भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें और कार्यक्षेत्र में सफलता की प्रार्थना करें।
2. घड़े में गेहूं भरकर दान करें और कार्यस्थल में आशीर्वाद प्राप्त करें।
निष्कर्ष:
कामदा एकादशी का व्रत संतान सुख, धन और समृद्धि के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। इस दिन भगवान
विष्णु की पूजा और व्रत करने से न केवल आत्मिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में सफलता और
समृद्धि की प्राप्ति भी होती है। हमें चाहिए कि इस पवित्र दिन को पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाएं।
आपका व्रत शुभ और सफल हो!




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