बसंत पंचमी 2025: मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने के सरल उपाय :
- Bhavika Rajguru

- Jan 28, 2025
- 4 min read
बसंत पंचमी (Basant Panchami) 2025 का पर्व भारत में हर साल श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता
है। यह त्यौहार खासतौर पर देवी सरस्वती की पूजा से जुड़ा हुआ है और इसे विद्या, बुद्धि, और कला की
देवी के रूप में पूजा जाता है। यह त्योहार नए मौसम, विशेष रूप से बसंत ऋतु के आगमन का भी प्रतीक
है। साथ ही, यह दिन जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अनेक उपायों और पूजा विधियों के लिए
जाना जाता है।

बसंत पंचमी का महत्त्व :
बसंत पंचमी का पर्व हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इसके बारे में मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का अवतरण हुआ था, जो ज्ञान, कला और विद्या की देवी हैं। यह दिन विद्यारंभ के रूप में विशेष महत्व रखता है। खासकर, इस दिन विद्या क्षेत्र में सफलता और जीवन में बुराईयों से छुटकारा पाने के लिए पूजा-अर्चना की जाती है। बसंत पंचमी से बसंतोत्सव की शुरुआत होती है, जो होली तक चलता है। यह समय प्रकृति में नवीनीकरण और उल्लास का होता है, जिसमें जीवन में नए उत्साह और उमंग का संचार होता है।
इस दिन को खासतौर पर विद्यार्थी, संगीतकार, कलाकार, और अन्य लोग देवी सरस्वती की पूजा करते हैं
ताकि वे अपनी कला और ज्ञान में उन्नति प्राप्त कर सकें।
बसंत पंचमी 2025: शुभ मुहूर्त और पूजा समय:
बसंत पंचमी 2 फरवरी, 2025 को मनाई जाएगी।
यह माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को होती है, जो सुबह 09:14 बजे से शुरू होकर 3 फरवरी, 2025 को सुबह 06:52 बजे तक रहेगी। हालांकि, उदया तिथि के अनुसार 2 फरवरी को ही यह पर्व मनाया जाएगा।
तिथि: 2 फरवरी 2025 (रविवार)
शुभ मुहूर्त:
सरस्वती पूजा मुहूर्त: सुबह 07:09 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक
मध्याह्न का क्षण: दोपहर 12:35 बजे
उदया तिथि के अनुसार पूजा: 2 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा
बसंत पंचमी के दिन शुभ मुहूर्त में मां सरस्वती की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन विशेष रूप से
विद्यार्थियों को अपनी किताबों और कलमों की पूजा करनी चाहिए ताकि उनका ज्ञान में समृद्धि हो।
बसंत पंचमी की पूजा विधि :
बसंत पंचमी की पूजा का विधिपूर्वक तरीका निम्नलिखित है:
1. स्नान के बाद पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें।
2. इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनने की सलाह दी जाती है क्योंकि पीला रंग मां सरस्वती के साथ जुड़ा हुआ है और यह समृद्धि, ज्ञान और सुख-शांति का प्रतीक है।
3. मां सरस्वती की मूर्ति या फोटो स्थापित करें।
4. फिर पूजा आसन पर बैठकर उन्हें गंगाजल से स्नान कराएं।
5. कुमकुम, फूल, और धूप-दीप अर्पित करें।
6. पूजा में पीले चावल, मिठाइयाँ, बेसन के लड्डू, और फल अर्पित करें।
7. इस दिन चावल और गुड़ का भोग लगाना विशेष शुभ माना जाता है।
8. मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती उतारें।
9. आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद प्रसाद बांटें।
बसंत पंचमी के खास उपायों से करियर और बुद्धि में मिलेगी तरक्की: इन उपायों से आप अपने जीवन में
शिक्षा, बुद्धि और करियर में सफलता प्राप्त कर सकते हैं और माता सरस्वती के आशीर्वाद से आपका जीवन
खुशहाल रहेगा।
1. करियर में तरक्की के लिए:
o उपाय: बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनकर माता सरस्वती की पूजा करें और
उनका ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात् मंत्र का जप करें।
o फल: इस उपाय से बच्चों को माता सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त होगा, जिससे उनके करियर
में तरक्की के योग बनेंगे।
2. सुख और बुद्धि की प्राप्ति के लिए:
o उपाय: बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती को आम का बौर चढ़ाएं। इसके साथ ही आप
बेसन के लड्डू, सोन पापड़ी, और केसर युक्त खीर का भोग भी अर्पित कर सकते हैं।
o फल: इस उपाय से जीवन में प्रेम और समृद्धि बनी रहती है और माता की कृपा से ज्ञान,
सुख, और बुद्धि की प्राप्ति होती है। पूजा में यह ध्यान रखें कि मूर्ति का मुख पश्चिम या
दक्षिण-पश्चिम की ओर हो।
3. संकटों से मुक्ति के लिए:
o उपाय: बसंत पंचमी के दिन मां काली की पूजा करें। पूजा में पेठा या कोई अन्य फल अर्पित
करें और ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महा सरस्वत्यै नम: मंत्र का 108 बार जप करें।
o फल: यह उपाय बुद्धि में विकास लाने के साथ-साथ सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति दिलाता
है।
4. विद्या और ज्ञान का आशीर्वाद प्राप्ति के लिए:
o उपाय: यदि बच्चे को पढ़ाई में कठिनाई हो रही है या वह परीक्षा देने जा रहा है तो बसंत
पंचमी के दिन सरस्वती पूजा करवाएं। इसके बाद बच्चों की किताबें, कॉपी आदि की पूजा करें
और गरीब बच्चों को किताबें, कॉपी, पेंसिल दान करें।
o फल: इससे बुद्धि में विकास होता है और विद्या व ज्ञान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
5. बच्चों की बुद्धि के विकास के लिए:
o उपाय: बसंत पंचमी के दिन बच्चों को सरस्वती पूजा के बाद 11 तुलसी के पत्ते मिश्री के साथ
दें। बच्चों की स्टडी टेबल पर माता सरस्वती का चित्र रखें। संगीत, नृत्य, कला से जुड़े लोग भी
पूजा करें और अपने क्षेत्र के उपकरणों की पूजा करें।
o फल: इससे बच्चों की बुद्धि में वृद्धि होगी और उनका शैक्षिक विकास तेजी से होगा। साथ
ही इस दिन पीला रंग गुलाल भी माता सरस्वती के चरणों में रखें।
बसंत पंचमी न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह जीवन में नए आरंभ और सकारात्मक बदलावों का
प्रतीक भी है। इस दिन देवी सरस्वती की पूजा करके हम अपनी विद्या, बुद्धि, और करियर में सफलता पा
सकते हैं। इसके साथ ही, विशेष उपायों का पालन करके आप अपने जीवन में आने वाली कठिनाइयों से
छुटकारा पा सकते हैं।
इसलिए, बसंत पंचमी के दिन सही मुहूर्त में पूजा करें और अपनी समृद्धि, सफलता और खुशहाली के लिए
मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करें।




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