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वरूथिनी एकादशी व श्री वल्लभाचार्य जयंती: दुर्लभ आध्यात्मिक संयोग का पर्व :

✍️ लेखिका: ज्योतिषाचार्या भाविका राजगुरु (Astrologer Bhavika Rajguru)


तारीख: 24 अप्रैल 2025, गुरुवार


भारतवर्ष की संस्कृति में एक विशेष आकर्षण है — हर दिन एक अध्यात्मिक अनुभव, हर पर्व एक चेतना का संगम। इस बार 24 अप्रैल 2025 को ऐसा ही एक अद्भुत संयोग बन रहा है। वरूथिनी एकादशी और महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी की 546 वीं जयंती एक ही दिन पड़ रही है। वह भी गुरुवार के पावन दिन पर, जो स्वयं बृहस्पति (गुरु) को समर्पित है।


यह दिन केवल एक व्रत या पुण्यफल प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक जागृति का आह्वान है।


  • वरूथिनी एकादशी का महत्व व पूजा विधि

वरूथिनी एकादशी, वैशाख कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आती है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और भक्ति से समस्त पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति संभव होती है।

 
 
 

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