विवाह पंचमी पर करें ये खास उपाय, तुरंत पक्की होगी शादी
- Bhavika Rajguru

- Nov 25, 2025
- 4 min read
लाल किताब विशेषज्ञ भाविका राजगुरु के अनुसार उपाय
Vivah Panchami 2025 Upay:सनातन धर्म में विवाह पंचमी का अत्यंत विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीराम और माता जानकी का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। इसलिए यह तिथि सौभाग्य, प्रेम, वैवाहिक सुख, और शीघ्र विवाह की दृष्टि से अत्यंत शुभ मानी जाती है।
पुष्कर की प्रख्यात लाल किताब ज्योतिष विशेषज्ञ आचार्या भाविका राजगुरु बताती हैं कि विवाह पंचमी के दिन किए गए उपाय बहुत जल्दी फल देते हैं, क्योंकि यह दिवस स्वयं भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम का शुभ विवाह दिवस माना गया है। इस दिन पूजन, व्रत, पाठ और विशेष उपाय करने से विवाह योग मजबूत होता है, दांपत्य जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और ग्रहदोष शांत होता है।
विवाह पंचमी 2025 कब है? (तिथि और उदयातिथि नियम)
मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पंचमीप्रारंभ: 24 नवंबर 2025, रात 9:22 बजेसमाप्त: 25 नवंबर 2025, रात 10:56 बजे
उदयातिथि नियम के अनुसार तिथि जिस दिन प्रातःकाल में विद्यमान हो, उसी दिन पर्व मनाया जाता है।👉 इसलिए विवाह पंचमी 2025 — 25 नवंबर 2025 (मंगलवार) को मनाई जाएगी।
विवाह पंचमी 2025 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:04 बजे – 06:58 बजे
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:53 बजे – 02:36 बजे
पंचमी तिथि का संपूर्ण काल (24–25 नवंबर रात तक) पूजा-पाठ के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है।
विवाह पंचमी का महत्व —
आचार्या भविका राजगुरु के अनुसार:
यह तिथि श्रीराम और माता सीता के स्वयंवर-विवाह की स्मृति में मनाई जाती है।
इस दिन किए गए उपाय से:
विवाह में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं
टूटते रिश्तों में मधुरता आती है
पति-पत्नी के बीच मनमुटाव कम होता है
योग्य जीवनसाथी के योग बनते हैं
इसी तिथि पर गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्रीरामचरितमानस का भी पूर्ण किया था। इसलिए इसका आध्यात्मिक प्रभाव अत्यंत प्रबल है।
विवाह पंचमी पर श्रीराम–सीता की पूजा कैसे करें? (Step-by-Step)
✔ सुबह जल्दी उठें और स्नान कर पवित्र वस्त्र धारण करें।✔ सूर्य देव को जल अर्पित करें।✔ घर के मंदिर में एक चौकी पर स्वच्छ कपड़ा बिछाएँ।✔ उस पर राम दरबार (श्रीराम–सीता–लक्ष्मण–हनुमान–भरत–शत्रुघ्न) की मूर्तियाँ स्थापित करें।✔ जल और पंचामृत (दूध, दही, घी, मिश्री, शहद) से अभिषेक करें।✔ भगवान का विस्मयकारी श्रृंगार करें — श्रीराम को दूल्हे और माता सीता को दुल्हन के रूप में सजाएँ।✔ फूल, प्रसाद, धूप-दीप, मिठाई अर्पित करें।✔ सीता-राम नाम जप, राम रक्षा स्तोत्र, सुंदरकांड अथवा रामचरितमानस विवाह प्रसंग का पाठ करें।✔ पूजा के अंत में क्षमा-प्रार्थना करें और प्रसाद ग्रहण करें।
हनुमान जी की विशेष पूजा अवश्य करें — दीपक जलाएँ, हनुमान चालीसा या सुंदरकांड पढ़ें।
विवाह पंचमी के ज्योतिषीय लाभ (Bhavikaa Rajguru के अनुसार)
अविवाहित जातकों का विवाह योग सशक्त होता है
रिश्तों में मधुरता और सौहार्द बढ़ता है
दांपत्य जीवन से कलह और गलतफहमियाँ दूर होती हैं
गुरु एवं विवाह संबंधित ग्रहदोष शांत होते हैं
घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
⭐ शीघ्र विवाह के लिए विवाह पंचमी पर करें ये प्रभावी उपाय (लाल किताब आधारित समाधान)
आचार्या भाविका राजगुरु द्वारा सुझाए गए अद्भुत उपाय
1. हल्दी-दूर्वा का विशेष उपाय
✔ प्रातः स्नान के बाद पीले वस्त्र पहनें।✔ 11 हल्दी की गांठें और 11 दूर्वा लेकर पीले कपड़े में बांधें।✔ यह पोटली भगवान गणेश को अर्पित करें।✔ विवाह संबंधी इच्छा मन ही मन व्यक्त करें।✔ इसके बाद गणेश जी को दही और हल्दी का लेप लगाएँ।
➡ यह उपाय विवाह में आ रही सभी रुकावटें हटाता है।
2. शीघ्र विवाह हेतु श्रीराम–सीता पूजन व्रत
यदि रिश्ते बनते-बनते टूट जाते हैं या उचित साथी नहीं मिल पा रहा:
✔ विवाह पंचमी का व्रत रखें✔ राम-सीता के दिव्य विवाह का प्रतीकात्मक आयोजन करें✔ एक ही संकल्प रखें — "मुझे योग्य जीवनसाथी प्राप्त हो"
👉 यह उपाय तीव्र गति से विवाह योग मजबूत करता है।
3. माता सीता के श्रृंगार का विशेष उपाय
✔ माता सीता को अर्पित करें:
लाल चुनरी
चूड़ियाँ
सिंदूर
बिंदी
श्रृंगार सामग्री
➡ यह उपाय कन्या-विवाह और शीघ्र विवाह दोनों के लिए अत्यंत प्रभावशाली है।
4. कन्याओं को भोजन कराना (कन्या पूजन)
✔ छोटी कन्याओं को भोजन करवाएँ✔ उन्हें उपहार दें, चुनरी दें
➡ इससे विवाह संबंधी ग्रहदोष शांत होते हैं और जल्द ही शुभ समाचार मिलता है।
5. केले के पेड़ की पूजा — गुरु दोष का निवारण
जिन व्यक्तियों की शादी गुरु दोष के कारण रुक रही हो:
✔ विवाह पंचमी पर केले के पेड़ की पूजा करें✔ जल अर्पित करें✔ पीले फूल, हल्दी चढ़ाएँ
➡ इससे ब्रहस्पति प्रसन्न होते हैं और विवाह-संतान का योग प्रबल होता है।
6. दांपत्य जीवन की समस्याओं के लिए उपाय
यदि पति–पत्नी के बीच तनाव है:
✔ रामचरितमानस के विवाह प्रसंग का पाठ करें✔ पाठ के बाद मनोकामना व्यक्त करें✔ घर में शांति और प्रेम की प्रार्थना करें
➡ नकारात्मकता दूर होती है और रिश्ते में प्यार बढ़ता है।
इन मंत्रों का जप विशेष फलदायी
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री रामाय नमः
ॐ सीतायै नमः
श्री सीता-रामाय नमः
राम गायत्री मंत्र
सीता गायत्री मंत्र
इन मंत्रों का 108 बार जप शीघ्र विवाह और दांपत्य सुख प्रदान करता है।
⭐ आचार्या भाविका राजगुरु, पुष्कर (लाल किताब ज्योतिष विशेषज्ञ)
इस ब्लॉग में वर्णित सभी उपाय पुष्कर की प्रसिद्ध लाल किताब विशेषज्ञआचार्या भाविका राजगुरु द्वारा बताए गए हैं।वे विवाह, संबंध, ग्रहदोष, कुंडली विश्लेषण और विशेष रूप से विवाह संबंधी समस्याओं के समाधान में प्रख्यात हैं।
उनके अनुसार,"विवाह पंचमी का दिन वह शक्तिशाली क्षण है जब श्रीराम-सीता की कृपा अविवाहितों और दंपतियों को पूर्ण सुख प्रदान करती है—बस श्रद्धा से उपाय करें और भगवान पर भरोसा रखें।"
विवाह पंचमी 2025 शुभता, प्रेम, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।यदि आप शीघ्र विवाह चाहते हैं, रिश्ता पक्का नहीं हो रहा, मनचाहा साथी नहीं मिल रहा या दांपत्य जीवन में तनाव है —तो इस दिव्य तिथि पर बताए गए उपाय आपके जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन ला सकते हैं।




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