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सीता नवमी 2025: माता सीता के जन्मोत्सव का पावन पर्व🪔 राजगुरु एस्ट्रोसाइंस प्रस्तुत करता है 🪔

तिथि: 5 मई 2025, सोमवार

नवमी तिथि प्रारंभ: 5 मई, सुबह 07:19 बजे

नवमी तिथि समाप्त: 6 मई, सुबह 08:50 बजे

सीता नवमी, जिसे जानकी नवमी भी कहा जाता है, माता सीता के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है। यह पर्व वैशाख शुक्ल नवमी को आता है और इस दिन भगवान राम की अर्धांगिनी, माता सीता का प्राकट्य हुआ था। पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु के अनुसार, यह दिन सतीत्व, त्याग, धैर्य और आदर्श नारीत्व का प्रतीक है।


🌼 पूजन महत्व:

  • इस दिन भगवान राम और माता सीता की युगल पूजा की जाती है।

  • सुहागिन स्त्रियाँ दीर्घविवाह और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं।

  • घर में रामायण पाठ, सीता स्तुति और तुलसी पूजन किया जाता है।


🌸 खास बातें:

  • माता सीता का जन्म पुष्कलावती नगरी के राजा जनक के खेत में हल चलाते समय हुआ था।

  • यह दिन नारी शक्ति और मर्यादा का उत्सव है।

  • इस दिन विदेशों में बसे हिंदू परिवार भी श्रीराम-जानकी विवाह की स्मृति में विशेष पूजा करते हैं।


आप सभी को सीता नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं।माता जानकी का आशीर्वाद आपके जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भर दे।

🪔 — भाविका राजगुरु | राजगुरु एस्ट्रोसाइंस


 
 
 

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