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गोवर्धन पूजा 2025: 12 राशियों के लिए भाग्य के दरवाजे खोलने वाले भोग :
सनातन धर्म में दिवाली का पर्व विशेष महत्व रखता है। यह पांच दिनों का उत्सव है, जिसमें धनतेरस, छोटी दिवाली, बड़ी दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज शामिल हैं। गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गाय माता की पूजा की जाती है, और गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करना भी शुभ माना जाता है। 2025 में गोवर्धन पूजा का त्योहार को मनाया जाएगा। इस दिन, यदि व्यक्ति अपनी राशि के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण को विशेष भोग अर्पित करें, तो उनके जीवन की कठिनाइयाँ कम हो सकती हैं। चलिए जानते हैं कि


गोवर्धन पूजा 2025: तिथि, मुहूर्त और विशेष ज्योतिषीय उपाय :
गोवर्धन पूजा, जिसे अन्नकूट पर्व भी कहा जाता है, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को मनाई जाती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र देव को पराजित कर ब्रजवासियों की रक्षा की थी। गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर, अन्नकूट का भोग लगाकर और गाय की पूजा कर समृद्धि, स्वास्थ्य और सौभाग्य की कामना की जाती है।


दिवाली 2025: महत्त्व, शुभ मुहूर्त, और पूजा विधि :
दिवाली, रोशनी और समृद्धि का पर्व, कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है। 20 अक्टूबर 2025 को मां लक्ष्मी के स्वागत हेतु विशेष पूजन, दीपदान, रुद्राभिषेक और शुभ मंत्रोच्चार से घर में सुख-शांति और धन की वृद्धि होती है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा की तुला राशि में स्थिति शुभ योग का निर्माण करती है।


छोटी दीपावली/नरक चतुर्दशी पूजा का विधान :
छोटी दीपावली, जिसे नरक चतुर्दशी कहा जाता है, दीपावली के एक दिन पहले मनाई जाती है। इस दिन भगवान हनुमान, भगवान शिव और माता महाकाली की पूजा कर अष्टदरिद्र दोष से मुक्ति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की जाती है। तेल स्नान, दीपदान और रुद्राभिषेक करने से पापों का नाश और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।


धनतेरस 2025: महापर्व का महत्व और पूजा विधि , शुभ और फलदायी खरीदारी :
धनतेरस का पर्व दीपावली उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। पुष्कर की लाल किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु के अनुसार, इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा करने से स्वास्थ्य, धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है। धनतेरस पर यम दीपदान और स्वर्ण खरीदना शुभ माना जाता है।


धनवंतरी दिवस (धन तेरस) और दीपावली की पूजा विधि :
धनवंतरी दिवस, छोटी दीपावली और बड़ी दीपावली – ये तीनों दिन हिंदू धर्म में धन, स्वास्थ्य और समृद्धि के प्रतीक माने गए हैं। धनवंतरी त्रयोदशी पर भगवान धनवंतरी की पूजा, नरक चतुर्दशी पर अभ्यंग स्नान और दीपदान, तथा बड़ी दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन से जीवन में सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।


रमा एकादशी 2025: पूजा विधि, महत्व, मुहूर्त और उपाय :
रमा एकादशी 2025 का व्रत 17 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस पावन दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना से सुख, समृद्धि और पापों से मुक्ति मिलती है। पुष्कर की लाल किताब ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु बताती हैं कि इस दिन विशेष पूजा विधि और उपाय करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है।


🌕 बिहार विधानसभा चुनाव 2025: नीतीश बनाम तेजस्वी — ज्योतिषीय भविष्यवाणी, ग्रहों का खेल और सत्ता का समीकरण :
✍️ पुष्कर की लाल-किताब ज्योतिर्विद – भाविका राजगुरु Bihar Election 2025: 6 अक्टूबर 2025 की शाम 4 बजे बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा शरद...


🌸 कार्तिक शुक्लपक्ष के अंतिम पांच दिनों (पंच-तीर्थ स्नान) का महत्व :
कार्तिक शुक्लपक्ष के अंतिम पाँच दिन — एकादशी से पूर्णिमा तक — पुष्कर में स्नान और पूजा का अत्यंत पवित्र योग बनता है। ज्योतिषाचार्या भाविका राजगुरु के अनुसार, इन दिनों में पुष्कर स्नान करने से सर्वपाप नाश, अक्षय पुण्य, और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।


🌕 सिर्फ पुष्कर में ही क्यों होती है ब्रह्मा जी की पूजा? रहस्य, पुराण और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष विश्लेषण :
ब्रह्मा जी को सृष्टि का रचयिता कहा गया है, पर उनकी पूजा केवल पुष्कर में ही क्यों होती है? जानिए पद्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण की पौराणिक कथाएँ, सावित्री और गायत्री का यज्ञ प्रसंग, तथा ज्योतिर्विद भाविका राजगुरु के अनुसार पुष्कर के धार्मिक और ज्योतिषीय रहस्य।


🌕 Kartik Month: The Divine Glory of Brahma Pushkar, Spiritual Secrets & the Path to Liberation :
Kartik Month 2025 marks the divine awakening of Lord Vishnu. This sacred period, from 8 October to 5 November, is the holiest for bathing, Deepdaan, Tulsi worship, and Vishnu devotion. Astrologer Bhaavikaa Rajguru explains its scriptural, scientific, and astrological importance — from Pushkar Snan to the glory of Tulsi Puja and Deepdaan.


🌕 कार्तिक मास: ब्रह्म पुष्कर की दिव्य महिमा, आध्यात्मिक रहस्य और मोक्षमार्ग :
कार्तिक मास 2025, 8 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक रहेगा। इसे भगवान विष्णु का प्रिय मास माना गया है। इस मास में स्नान, दान, दीपदान, तुलसी पूजन और पुष्कर स्नान का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार कार्तिक में किए गए पुण्यकर्म अक्षय फल देते हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग खोलते हैं।


🌸 करवा चौथ 2025: महत्व, व्रत विधि, शुभ मुहूर्त और ज्योतिषीय संयोग :
करवा चौथ 2025 का व्रत शुक्रवार, 10 अक्टूबर को रखा जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएँ अपने पतियों की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए उपवास करती हैं। शुभ मुहूर्त में करवा माता की पूजा, व्रत कथा और चंद्रमा को अर्घ्य देने से व्रत का पूर्ण फल मिलता है। इस वर्ष के विशेष योग व्रत को और भी फलदायी बनाएंगे।


🌕 शरद पूर्णिमा 2025: वैज्ञानिक महत्व, चंद्रमा की औषधीय शक्ति और खीर की परंपरा
शरद पूर्णिमा 2025, रविवार 6 अक्टूबर को मनाई जाएगी। यह रात धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से विशेष है। चंद्रमा की किरणें अमृतमयी मानी जाती हैं, जिनसे खीर औषधीय गुणों से भर जाती है। इस दिन चांदी का महत्व, औषधियों की शक्ति और चांदनी स्नान स्वास्थ्य, ऊर्जा और समृद्धि प्रदान करते हैं।


🌕 शरद पूर्णिमा 2025: महत्व, पूजा विधि और विशेष उपाय :
शरद पूर्णिमा 2025 आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रमा सोलह कलाओं से पूर्ण होकर अमृत बरसाता है। खीर चांदनी में रखने का विशेष महत्व है। इस व्रत में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा से स्वास्थ्य, धन, मानसिक शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।


🌺 विजयादशमी 2025: दशहरा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मान्यताएँ और लाल किताब उपाय
विजयादशमी 2025, 2 अक्टूबर को रवि योग में मनाई जाएगी। इस दिन भगवान राम और माँ दुर्गा की पूजा, शमी वृक्ष आराधना और लाल किताब उपाय करने से जीवन में सफलता, समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।


🌸 महानवमी 2025: नवरात्रि का अंतिम दिन और देवी दुर्गा की आराधना का महत्व 🌸
महानवमी 2025 पर माँ सिद्धिदात्री की पूजा, संधि पूजा और हवन से जीवन में शक्ति, समृद्धि और विजय की प्राप्ति होती है। कन्यापूजन और विशेष उपायों से ग्रहदोष दूर होकर सुख-शांति मिलती है।


🌺 नवरात्रि 2025 का नवां दिन: माँ सिद्धिदात्रि की पूजा और कन्यापूजन का ज्योतिषीय महत्व 🌺
महानवमी के दिन माँ सिद्धिदात्रि की पूजा से भक्त को अष्ट सिद्धियाँ और नव निधियाँ प्राप्त होती हैं। उनकी कृपा से केतु दोष शांत होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि व आध्यात्मिक शांति आती है।


🌸 नवरात्रि के आठवें दिन: माँ महागौरी की पूजा और ज्योतिषीय महत्व 🌸
महाअष्टमी के दिन माँ महागौरी की उपासना से राहु दोष शांत होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है। उनकी कृपा से विवाह और संतान संबंधी बाधाएँ दूर होती हैं तथा भक्तों को शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।


🌑 नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि की पूजा और ज्योतिषीय महत्व 🌑
नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व है। उनकी आराधना से शनि दोष शांत होते हैं, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में साहस, आत्मविश्वास तथा विजय प्राप्त होती है।
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